
करना भक्तो का दुःख दूर,
ओ बाघम्बर वाले,
कोई तो चढ़ावे बाबा जलहु की धारा,
कोई चढ़ावे कच्चा दूध,
ओ बाघम्बर वाले,
करना भक्तो का दुःख दूर…..
आक धतूरे का भोग लगत शिव के,
गंजिया पिवेनी भरपूर,
ओ बाघम्बर वाले,
करना भक्तो का दुःख दूर…..
दास तुम्हारो शिवजी अरज करत है,
अरजी कर लेना हो मंजूर,
ओ बाघम्बर वाले,
करना भक्तो का दुःख दूर…..
हरि-हरि बेल पतिया चन्दन चावल बाबा,
कोई चढ़ावे फल फूल,
ओ बाघम्बर वाले,
करना भक्तो का दुःख दूर…..
सोमपुरी नित ध्यान धरत है,
करना भव जल से बेडा पार,
ओ बाघम्बर वाले,
करना भक्तो का दुःख दूर…..