
धन-धन अम्बे जोगणिया रानी,
थाकि महिमा जग में जानी,
थाने वेद में बखानी,
औ माता जोगणिया,
ओ माता जोगणिया।।
माता ने चित मन से जो ध्यावे,
जारा बिगाड़िया काम बनजावे,
पंगु भी दौड़ पहाड़ चढ़ जावे,
औ माता जोगणिया।।
धन-धन अम्बे जोगणिया रानी………
बाण्यो बेगू को थारे आयो,
भेसो गुड़ को ही बनवायो,
भैंसा ने मगरा माय भगायो।।
औ माता जोगणिया।।
धन-धन अम्बे जोगणिया रानी………
खड़क ले मंदिर बाहर आई,
धोग रे भेरू के लगाई,
भेरो कियो है पालक रे माई,
औ माता जोगणिया।।
धन-धन अम्बे जोगणिया रानी………
माता म्हारी एक अर्ज सुनलिये,
कृपा बाझडली पर किये,
महारी खाली गोद भर दीजे,
औ माता जोगणिया।।
धन-धन अम्बे जोगणिया रानी………
परण्यो पड्यो खाट में पटको,
बिगडियो काम काज म्हारा घटको,
मै तो शरणो लीदो ऐ थारा दर को,
औ माता जोगणिया।।
धन-धन अम्बे जोगणिया रानी………
मोदी राम बाल जस गावे,
माता रो पार कोई नहीं पावे,
माता ने चित मन से जो ध्यावे,
औ माता जोगणिया।।
धन-धन अम्बे जोगणिया रानी,
थाकि महिमा जग में जानी,
थाने वेद में बखानी,
औ माता जोगणिया,
ओ माता जोगणिया।।
भजन भंडार