
भोले नाथ बाबा के दर पे,
जो भी प्राणी जाएगा,
मिट जायेगी विपदा सारी,
मन वांछित फल पायेगा,
यही तो कैलाश के वासी,
भस्मी रमाये रहते है,
घर-घर की पीड़ा को जाने,
दिल में समाए रहते है,
जो भी शिव का ध्यान धरेगा,
इच्छा फल वो पाएगा,
मिट जायेगी विपदा सारी……..
यही तो है सृष्टि के रचया,
बहुत ही भोले भाले है,
नाम भी है भोला भंडारी,
भक्तो के रखवाले है,
शिव का सुमिरन कर ले बंदे,
वरना फिर पछतायेगा,
मिट जायेगी विपदा सारी……..
बिगड़े काम बनाए सारे,
पल में वो खुशहाल करे,
जनम-जनम की मिटे गरीबी,
पल में मालामाल करे,
जो भी इसका ध्यान धरेगा,
भवसागर तीर जाएगा,
मिट जायेगी विपदा सारी……..
सेवा करने को प्रभु आया,
पास में कोई सिंगार नहीं,
क्या में प्रभु को अरज सुनाऊ,
वाणी में चातुर्य नहीं,
भक्त शिव के चरण कमल में,
नित उठ शीश झुकाएगा,
मिट जायेगी विपदा सारी……..
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