Share this...WhatsappFacebookTwitterकल्लाजी आपरो,भारी लागो दरबार,भारी लागो दरबार,कल्लाजी आपरोभारी लागो दरबार,भारी लागो दरबार,कल्लाजी आपरो,भारी लागो दरबार।। बावन गढ़...
राजस्थानी भजन
Share this...WhatsappFacebookTwitterमैं आशा करके आया अंबे, देवी थारे द्वार पे,ध्यान जरा देना अंबे, पुत्र की पुकार पे…...
Share this...WhatsappFacebookTwitter(तर्ज – ओ फिरकी वाली, तू कल फिर आना) दोहा – सैल सुता, नव – वेद...
Share this...WhatsappFacebookTwitterपेली सिमरु औ माता शारदा औ, ए वीणा की देवी,पेली सिमरु औ माता शारदा औ, ए...
Share this...WhatsappFacebookTwitterएक आसरो देव धणी रो,दूजो माँ कंकाली को,जग जननी चित्तोड़ बिराजे,नाम जपु कंकाली को, सांचा मन...
Share this...WhatsappFacebookTwitterसांवरिया सेठ दे दे,मण्डफिया रा मालिक दे दे,थारे भारियोछे भंडार,टोटो ना पड़े रे, कटे तो जायो...
Share this...WhatsappFacebookTwitterदोहा- गुरु देवन के देव हो, आप हो बड़े जगदीश।बेडी भव जल बीच में, गुरु तारो विश्वाशीष।। गुरु...
Share this...WhatsappFacebookTwitterहुई सफल कमाई,महाराज भरथरी थारी,मालिक रे कारण,जोग फकीरी थारी, हुई सफल कमाई महाराज……. राजा सुतो महल...
Share this...WhatsappFacebookTwitterकालो गणों रुपालो रे,गढ़बोरिया वालो रे,श्री चारभुजा रो नाथ,चतुर्भुज भाला वालो रे, शीश पे सोहे मुकुट...
Share this...WhatsappFacebookTwitterतेरे द्वार खड़ा भगवान, भक्त भर दे रे झोली।तेरा होगा बड़ा एहसान, के युग युग तेरी रहेगी शान॥...