मुछा री ताव भैरू,
डोडी डोडी आंखिया,
घुगरिया गमकाता बेगा,
आ जइयो भैरूनाथ।।
रमता पधारो भैरू तो,
मालीडो बैठा दू,
फूला वालो हार,
पहिनावा भैरूनाथ।।
पाती देवो तो भैरू,
जागण थारे जगावा,
दीपक वाली जोत,
जगावा भैरूनाथ।।
पाट पधारो भैरू,
साखलिया मंगवावा,
साखलिया ने खूब,
गुमावो भैरूनाथ।।
थाका रे मार्ग में भैरू,
सोनी यो बैठा दू,
सोना वालो मुकुट,
बनवावा भैरूनाथ।।
बालकियो देवो तो भैरू,
द्वारे थाके आया,
जडुला री जागण,
लगावा भैरूनाथ।।
भक्त मंडल ये,
आया शरणा,
मधुबाला री नाव,
तिराजो भैरूनाथ।।
मुछा री ताव भैरू,
डोडी डोडी आंखिया,
घुगरिया गमकाता बेगा,
आ जइयो भैरूनाथ।।


