Share this...WhatsappFacebookTwitterचारभुजा गढ़बोर देख्या बन आवे, चारभुजा गढ़बोर………. 1. मोटा – मोटा मंगरा माही,हरियाली चहु ओर,कोयल राग...
राजस्थानी भजन
Share this...WhatsappFacebookTwitterतर्ज – म्हारा सांवरिया सिरमौर………. श्री ईडाणा की बोल थारा हिरदा रा पट खोल,द्वार तेरे आये...
Share this...WhatsappFacebookTwitterतर्ज – नखरालो देवरियो………. थारी महिमा है अपरंपार, मण्डफिया का बाबा श्यामधणी।। 1. पित वस्त्र पीताम्बर...
Share this...WhatsappFacebookTwitterतर्ज – धन – धन अम्बे जोगणिया राणी म्हारा भेरूनाथ सेलाणी, थारी माया कोई ना जाणि,थारो...
Share this...WhatsappFacebookTwitterभुली आई म्हारा कान्हा जमना किनारे पे म्हारी ओढ़नी,ल्यादे म्हारी ओढ़नी मैं देउ गला रो हार...
Share this...WhatsappFacebookTwitterकुण जाने या माया श्याम की अजब निराली रे,यो त्रिलोकी को नाथ जाट के बण गयो...
Share this...WhatsappFacebookTwitterतर्ज – कजरा मुहब्बत वाला………. आवो सत्संग में अंबे, अंबे करके भुज लंबे, होकर के सिंह...
Share this...WhatsappFacebookTwitterदोहा – “मन मरी न ममता मरी और मर-मर गया शरीर,आशा तृष्णा न मरी तो कह...
Share this...WhatsappFacebookTwitterदोहा – आया हे सो जायेगा राजा रंक फ़क़ीर, एक सिहांसन चढ़ चढ़े एक बंदे जंजीर...
Share this...WhatsappFacebookTwitter सियाराम हरे सियाराम हरे, घनश्याम हरे सियाराम हरे, श्री राम जब शिवरी के घर पर...